प्रद्युम्न मर्डर केस में रोज कुछ न कुछ नया सामने आ रहा है।

केस की शुरुआत में बस कंडक्टर अशोक को जबरदस्ती अभियुक्त बना कर हरियाणा पुलिस ने अपना पल्ला झाड़ लिया था। वो तो भला हो की प्रद्युम्न के पिता ने केस को सीबीआई को सौंपने की मांग की वरना उस गरीब कंडक्टर की ज़िन्दगी बर्बाद हो जाती। एक 8 सेकंड की cctv फुटेज थी जिसे दिल्ली पुलिस ने यह कह कर खारिज कर दिया था कि इस फुटेज का कोई काम नहीं है, उसी 8 सेकंड की फुटेज से सीबीआई ने पूरा केस सुलझा दिया। उस 8 सेकंड की वीडियो में प्रद्युम्न को उसका दोस्त हाथ से इशारा कर के बुला रहा था।

यह वही दोस्त है जो आजकल जेल में बंद है और जिसने अपने गुनाह कबूल कर लिए हैं।

द टाइम्स ऑफ़ इंडिया की रिपोर्ट से पता चला है कि फिलहाल उस 11वीं के छात्र का नाम उसके नाबालिग होने की वजह से गोपनीय रखा गया है। उस नाबालिग ने यह भी बताया है कि वो और प्रद्युम्न साथ में ही पियानो सिखने जाते थे। प्रद्युम्न उसे अच्छे तरीके से जानता था। और यही वजह थी की उसने प्रद्युम्न को ही बुलाया। नाबालिग ने पुलिस को यह भी बताया कि आठ सितंबर को स्‍कूल पहुंचने के बाद उसने क्‍लासरूम में अपना बैग रखा और चाकू(जो की उसने सोहना बाजार से खरीदा था) के साथ ग्राउंड फ्लोर पर आया।

उसने वहां प्रद्युम्‍न को देखा और बहाना बना कर उसको साथ बाथरूम में चलने के लिए राजी कर लिया। प्रद्युम्‍न उसको पहले से ही जानता था, इसलिए वह आराम से उसके साथ चल दिया। वहाँ अंदर जाते ही उसने चाक़ू से प्रद्युम्न पर हमला कर दिया जिससे प्रद्युम्न खून की उल्टियां करने लगा और चाक़ू पर ही गिर पड़ा जिस वजह से उसका जख्म और भी गहरा हो गया। नाबालिग के ऊपर खून के छींटे इसलिए नहीं पड़े क्योंकि प्रद्युम्न के स्कूल बैग ने उस जगह पर छाता का काम किया और खून के छींटे पड़ने से उसे बचा लिया।

मर्डर की वजह

मर्डर की वजह परीक्षा का डर था। वो लड़का नहीं चाहता था कि परीक्षा हो और इसलिए ही उसने ऐसे कदम उठाये।

सबूत मिटाने की कोशिश

इसके साथ ही इस मामले में सीबीआई ने एक और चौंकाने वाली बात बतायी है। न्यूज एजेंसी ANI के मुताबिक सीबीआई ने कहा कि प्रद्युम्न मर्डर केस में गुड़गांव पुलिस ने सबूतों के साथ छेड़छाड़ की थी। जानकारी के लिए आपको बता दें कि इस मर्डर की शुरुआती जांच में गुड़गांव पुलिस ने रायन स्कूल के बस कंडक्टर अशोक को आरोपी बनाया था। वहीं प्रद्युम्न के परिजनों की जिद्द पर शुरू हुई सीबीआई जांच में पुलिस की थ्योरी बिल्कुल गलत साबित हुई। सीबीआई ने अशोक को मामले में क्लीनचिट दे दी और स्कूल के ही 11वीं के छात्र को हत्या का आरोपी बनाया है। फिलहाल आरोपी अफसरों के खिलाफ सख्त कार्यवाई होने की आशंका की खबर भी आ रही है।

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