नितीश कुमार जी,

माननीय मुख्यमंत्री, बिहार

 

बात की शुरुआत करते हैं तब से जब मैं तकरीबन 12-13 साल का रहा होऊँगा। 2005 के आस-पास या उससे एक दो साल पहले चलते हैं। बिहार मे अराजकता, भय, भ्रष्टाचार, लूट, खराब प्रशासन सब कुछ अपने चरम पर था। जातियों के आधार पर लोग अपने प्रतिनिधि चुना करते थे और चुनते आ रहे थे। स्थिति कमोबेश लगभग वही बनी हुई है अभी भी। लेकिन तब कुछ अधिक और गहरी थी। फिर एक साल आया 2005, बिहार विधानसभा चुनाव हुए। लालू यादव के काम न करने और अपने बल का गलत प्रयोग करने का फल भुगतना पड़ा। वो चुनाव हार गए। राज्य के नए मुख्यमंत्री बने आप, नितीश कुमार। जब आप रेल मंत्री थे तभी मैंने आपका नाम पहली बार सुना था। तब सोचा नहीं था कि आप हमारे राज्य के मुख्यमंत्री होंगे। शायद कम राजनीतिक समझ भी कारण हो। आप मुख्यमंत्री बने और कुछ एक महीनो मे हर तरफ एक हीं शब्द गूंज रहा था, ‘सुशासन’। किसी मे कोई निराशा नहीं थी। क्योकि आपके उस राज(मेरी दादी नितीश राज हीं कहा करती थी। )  मे बातें हीं नहीं होती थी, काम भी होता था जो काफी दिन तक जमीन पर दिखता था। मतलब काम अच्छा होता था। आपने पाँच साल खूब अच्छा काम किया। 2010 के चुनाव हुए। विकास के नाम पर आप बहुमत मे आए। बीजेपी के साथ 2005 मे भी थे और 2010 मे भी। विकास दीखता भी था। लालू के चारा घोटाले से जाना जाने वाला बिहार एक बार फिर खुल कर सांस लेने लगा था और विकास अपनी बाहें फैला रहा था। हर बिहारी मे वो गर्व वापिस से बसने और फलने फूलने लगा था जहां वो कह पता था कि वो बिहार से है। मैं खुलकर कहता हूँ कि आप थे उस हर बिहारी के पीछे। वक़्त था की बिहारी कहीं भी खुल कर यह बात रखता था कि बिहार को क्यूँ उतना हीं महत्व और हर बिहारी को उतना हीं इज्जत दिया जाए जितना बाकी हर राज्य के लोग और राज्यों को मिलता था। यह मेरे याद मे बिहार के लिए आगे बढ़ता हुआ सुनहरा पल था।

नितीश जी समय जो है न वो कब बदल जाए समझ नहीं आता। जरूरी होता है कि हम आप उसके बदलाव से खुद को थोड़ा बचाते हुए चलें। आपने अपना पाला बदला और 2015 चुनाव लड़ा एक ऐसे पार्टी के साथ मिलकर जिसके चंगुल से बिहार को आजाद करने के लिए बिहार की जनता ने आपको चुना था। चुनाव हुआ, जाति कार्ड भी खूब खेला गया। आप जीत भी गए। सरकार बनी और कुछ दिन चली भी। फिर एक दिन उस सरकार के आड़े आई आपकी नैतिकता। नैतिकता उस बात की जब आपने कहा कि लालू यादव और उनके बेटे तेजप्रताप यादव द्वारा किए गए एक घोटाले पर वो जवाब दें। जवाब न मिलने पर आपने गठबंधन तोड़ दिया। वापिस हाथ मिलाया एक नई बीजेपी से। यह वो बीजेपी नहीं थी जिनसे आपका मतभेद हुआ था। अब यह नरेंद्र मोदी की बीजेपी थी। फिर भी यह राजनीतिक बातें हैं। आम जनता को अपनी भलाई से मतलब होता है साहब।

अब मैं करता हूँ मुद्दे की बात, बात यह है कि आपने अपने राज्य बिहार  (जिससे मैं भी आता हूँ ) मे संजय लीला भंसाली की आने वाली फिल्म पद्मावती को बैन कर दिया है। आपसे मेरे कुछ सवाल हैं।

  1. आपने फिल्म को किस आधार पर बैन किया ?
  2. क्या आपने फिल्म देखी है ? 

अब मैं कुछ याद दिलाना चाहता हूँ आपको। जिन बीजेपी के नेता नीरज कुमार बबलू के लिखे खत के बाद अपने फिल्म को बैन किया उन्होने दावा किया की कहीं न कहीं फिल्म उनकी और जिस राजपूत जाति से वो आते हैं वो उसका अपमान करती है । एक तस्वीर दिखाना चाहूँगा आपको।

देखा आपने ? गौर से देखिये। एक इंसान किसी दूसरे इंसान से पूरी बेइज्जती के साथ कहता है कि मेरी इज्जत करो। जबकि दूसरा इंसान कई बार कह चुका है और लिख कर भी दे चुका है कि हमने कहीं भी आपकी बेइज्जती नहीं की है। यही हैं एमएलए साहब। अपनी गाड़ी के पीछे एक पोस्टर लगाए हैं। उसपर यूपी के एक नेता आजम खान और देश के चर्चित और सफल फिल्म निर्देशक संजय लीला भंसाली को बेज्जत करते हुए उनके नाम के साथ गालियां लिखी गयी हैं। जिस गर्व के साथ एमएलए साहब खड़े हैं उससे तो कहीं भी उनके मन मे ऐसे काम को करने का मलाल नहीं है। नितीश जी यह गर्व तो आपके राज के पहले पालि मे हर बिहारी को हुआ करता था लेकिन अच्छे काम पर। आपसे एक और सवाल पूछूंगा। आपने कभी भोजपुरी के भद्दे और फूहड़ गानों को सुना है ? कभी उनपर बैन लगाने का सोचा है ? बिहार की पहचान मे भोजपुरी भी एक बड़ा स्थान रखती है। उस भोजपुरी के साथ जो खेल खेला गया। उसके बारे मे आपने कभी सोचा है ? कुछ गानो के नाम मैं भी थोड़ा निर्लज होकर लिख देता हूँ-

  1. तोहर लहंगा उठा देब रिमोट से 
  2. चोलिया के हुक राजा जी 
  3. तनी सा जींस ढीला करअ

अभी बहुत ऐसे फूहड़ और निचले स्तर के गाने हैं जिनहे शायद आपको बैन करना चाहिए। जिस राजनीति को ओर आप बढ़ रहे हैं वो आगे जाकर आपके लिए घातक न हो जाए। आपसे ऐसी उम्मीद नहीं है मुझे। अभी भी एक आशा और उम्मीद है। शायद गलती से आप यह खत पढ़ लें तो समझेंगे। यह सिर्फ मेरी आवाज नहीं है। शब्द मेरे हैं पर बात आपसे हर बिहारी कर रहा है !

जय बिहार

 

 

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here