कुछ लोगों का कुछ नहीं हो सकता। आज बिना ज्यादा घुमए मुद्दे पर आता हूँ और बात कहता हूँ। बात है ट्वीटर की। Mohammad Kaif पूर्व क्रिकेटर हैं। पॉलिटिक्स मे भी हाथ आजमा चुके हैं। ट्वीटर पर खूब एक्टिव रहते हैं। अपनी मर्जी से ज़िंदगी जीते हैं और दूसरों को भी तरीके से जीने देते हैं।

मुश्किल कहाँ हुई ?

हुआ ये की दो दिन पहले क्रिसमस था। सभी मनाने मे लगे हुए थे। हमारे ऑफिस मे भी छुट्टी थी। पूरा देश हीं इसे माना रहा था। हर साल मनाता है, इस साल कुछ नया जैसा नहीं था। बस उसी भाव मे बह कर मोहम्मद कैफ ने भी सोचा की आज क्रिसमस मनाते हैं। क्रिसमस मनाया और फोटो लेकर ट्वीटर पर अपलोड कर दिया।

इस्लाम के ज्ञानियों ने हराम का पाठ पढ़ा दिया।

फोटो के अपलोड होने के कुछ हीं देर बाद उसपर लगातार कमेंट्स आने लगें। जो लोग लिख रहे थे वो किसी धर्म की बात नहीं हो सकती है। वो उस मानसिकता से प्रभावित थे जिसमे किसी और की कोई जगह नहीं है। मैं ज्यादा बताना नहीं चाहूँगा, आप खुद हीं देख लें। कुछ-कुछ कमेंट्स तो ऐसे थे कि देख कर हीं बुखार चढ़ जाता है। लोग किस कदर जाहिल हो सकते हैं। कुछ लोगों ने ऐसे कमेंट्स करने वालों की अच्छी मौज भी ली है। देखिये और मजे लीजिये। साथ मे सबक भी।

 

लोगों ने कोई कसर नहीं छोड़ी है एक दूसरे को गलियाँ देने में।

 

दिल दुखाने वालों। तुम्हें किसी धर्म का भगवान माफ नहीं करेगा।

 

कुछ हैं जो उसी सदी में जीते हैं जिसमे हम और आप। अच्छा लगता है।

 

कुछ लोग कहते हैं कि ठीक है अगर देश धर्म निरपेक्ष है तो, देख भईया अपना धर्म सबसे ऊपर होना चाहिए।

 

कुछ दिन पहले पत्नी की तस्वीर ट्वीटर पर डालने पर भी इसी तरह लोगों ने मोहम्मद कैफ को कुरान और इस्लाम सिखाया पढ़ाया था। कुछ लोगों ने डराया धमकाया था। तो कुछ लोग तो गाली गलौच पर उतार गए थे।

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