बनारस और बनारसी होते बहुत दिलदार हैं। वैसे तो बनारस बहुत सारी चीजों के लिए फेमस है। किसी से पूछो तो उसे बनारस का पान पसंद है , किसी को बनारसी भोर, किसी को बनारस की गलियाँ तो किसी को वहाँ का चटपटा खाना। खाने मे खासकर मुझे बनारस की कचौरी सब्जी खूब पसंद है। पान के शौकीन तो हम रहे हीं हैं। बनारस के बारे मे खूब लिखा और कहा जा चुका है। मैं जितना भी लिखूँ और कहूँ तो कम हीं होगा। बनारस जहां लोग अपने अंतिम समय मे प्राण त्यागने आते हैं वो हर रोज नई सांस के साथ जिंदा होता है। जहां की आम भाषा मे गाली तो है पर एक लगाव भी है जो आपको बार-बार बनारस की ओर खींच लाएगा। बनारस बाहर से जितना रंगीन दीखता है उतना है भी।

बनारस के घाट और उनका आनंद !

यह तो अलग हीं अनुभूति है। बनारस मे वैसे कई घाट हैं पर अस्सी घाट कुछ ज्यादा फेमस है। इसके भी कई कारण हैं ! ये मैं नहीं बताऊंगा। इसी के ऊपर हिन्दी के वरिष्ठ लेखक काशीनाथ सिंह जी ने 2002 में ‘काशी का अस्सी’ लिखा। किताब कई विवादों मे भी आई। फिर भी बहुत पोपुलर रही। फिर उसी किताब पर 2015 मे चंद्रप्रकाश द्विवेदी ने एक फिल्म बनाई ‘Mohalla Assi’। फिल्म की मुख्य भूमिका मे सनी देओल और साक्षी तंवर थी। फिल्म पर इतना विवाद हुआ कि फिल्म आज तक रिलीज हीं नहीं हो पाई।

फिल्म को यू-ट्यूब पर किया लीक !

कुछ लोगों द्वारा फिल्म रिलीज न होने के बावजूद भी गलत तरीके से फिल्म को यू-ट्यूब पर डाल दिया गया। आश्चर्य की बात तो यह थी कि सभ्यता और संस्कृति की दुहाई देने वालों ने इसे इतना देखा की व्यू करोड़ों मे पहुँच गया। बाद मे इसे हटा दिया गया।

दिल्ली हाई कोर्ट ने दिया Mohalla assi को रिलीज करने की अनुमति।

दिल्ली हाई कोर्ट ने फिल्म को एक कट और ‘A’ सर्टिफिकेट के साथ रिलीज करने की अनुमति दे दी है।

फिल्म के कुछ विवादित डायलॉग ।

 

स्टार वाला शब्द ‘भोंसड़ी के’ है
सही बोला है भाई !
गंजेड़ी साले !
गर्मी? कहाँ बनारस मे ?
स्टार वाला शब्द चूतिया है।
आउर का, पिकनिक करने गोवा जाओ !
अबे शहरी बेवकूफ़ों ये गंगा जल है, वैसे स्टार वाला शब्द ‘भोसडी के’ है।
खिचवा लो चच्चा, हियाँ सौ मे शिव मिल रहे हैं।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here