1990 दशक मे, जब आतंकवाद का चेहरा पूरा विश्व देख रहा था तभी कश्मीर से एक 22 साल का लड़का आतंकवादी बनने पाकिस्तान भाग जाता है। 28 साल के बाद वो लड़का सुर्खियों मे है। अलताफ़ अहमद मीर, जिसकी आवाज उसे कश्मीर खिच ले आई। आवाज तो कश्मीर आ गयी लेकिन अब सभी मीर का इंतजार कर रहे हैं कि वह भी अपने घर आए, अनंतनाग आए।

कश्मीरी कवि गुलाम अहमद महजूर का लिखा चर्चित कश्मीरी गीत ‘हा गुलों’ को गाकर मीर आज सुर्खियों मे है। पाकिस्तानी यू ट्यूब चैनल कोक स्टुडियो द्वारा चलाए गए एक नए चैनल पर इस गाने को रिलीज किया गया है। यह चैनल पाकिस्तान के छुपे हुए टैलेंट को सामने लाने के लिए है। इस नए चैनल का नाम है कोक स्टुडियो एक्सप्लोर।

90 के दशक मे पाकिस्तान जाने के बाद 1994 मे मीर वापिस भी आया, पर पाकिस्तान से जुड़े होने के कारण अनंतनाग मे रहना उसे ठीक नहीं लगा। इसलिए वह 1995 मे वापिस पाकिस्तान चला गया। पाकिस्तान मे उसने मुज्जफ्फरबाद को अपना ठिकाना चुना और वहीं का बाशिंदा होकर रह गया। वहाँ उसने एक एनजीओ मे काम किया।

एनजीओ मे काम के दौरान हीं उसने एक बैंड बनाई। बैंड का नाम रखा Qasamir जिसके सभी मेम्बर कश्मीर से थे।

जब मीर पाकिस्तान गया था तब भी उसके परिवार वालों ने बहुत कोशिश की उसे वापिस हिंदुस्तान लाने की। लेकिन ऐसा कभी हो न सका।

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