भारत में अब जो चुनावी भाषण होते हैं, उसमें वर्तमान की बातों को दरकिनार करते हुए इतिहास का बोलबाला रहने लगा है. कभी किसी को भगत सिंह याद आते हैं तो कभी किसी को नेहरु. किसी को गुजरात का दंगा याद आता है तो किसी को गोधरा काण्ड. खैर, अपने देश की राजनीति है ही ऐसी. सुब्रमण्यम स्वामी ने तो साफ़ साफ़ कह भी दिया है कि चुनाव भावनाओं से जीते जाते हैं, विकास तो बाद की बात होती है. बस, यही कारण है की इतिहास भूगोल सब नाप दिया जा रहा है और नेता एक दुसरे को हर तरह से निशाना बना रहे हैं.

अब तेलांगना में चुनाव नजदीक हैं तो ऐसे में वहां पर माहोल एकदम गरमाया हुआ है. योगी आदित्यनाथ वहां पर रैलियां कर रहे हैं और अस्ससुद्दीन ओवैसी पर जुबानी गोले बरसा रहे हैं. तो अस्ससुद्दीन ओवैसी साहब भी कहाँ चुप बैठने वाले हैं. उन्होंने भी जुबानी जंग को खुले हाथों से स्वीकार है और योगी साहब पर पलटवार कर दिया है.

योगी आदित्यनाथ. फोटो साभार: इन्टरनेट

मामला ये है की हाल ही में योगी आदित्यनाथ ने तेलंगाना की एक चुनावी रैली में कहा कि अगर राज्य में बीजेपी की सरकार बनती है तो असदुद्दीन ओवैसी की तेलंगाना से उसी तरह भागना पड़ेगा, जिस तरह से हैदराबाद के निज़ाम भागे थे.

अस्ससुद्दीन ओवैसी. फोटो साभार: इन्टरनेट.

अब योगी आदित्यनाथ के बयान पर एआईएमआईएम के नेता अस्ससुद्दीन ओवैसी ने करारा जवाब देते हुए कहा,

‘आप तारीख़ तो जानते नहीं, हिस्ट्री में ज़ीरो हैं आप. अगर पढ़ना नहीं आता तो पढ़ने वालों से पूछो. अगर पढ़ते तो मालूम होता कि निज़ाम हैदराबाद छोड़कर नहीं गए, उनको राजप्रमुख बनाया गया था. चीन से जंग हुई तो यही निजाम न अपने सोना बेच दिया था.’

ओवैसी ने ये भी कहा, “इनके क्षेत्र में हर साल 150 बच्चे मरते हैं इंसेफ़ेलाइटिस से. बच्चे मर रहे हैं योगी, तुम्हारे गोरखपुर के दवाखाने में ऑक्सीजन नहीं है, तुमको वहां की फ़िक्र नहीं, तुम यहां आ रहे हो, यहां आकर नफ़रत की दीवार खड़ी करने की बात कर रहे हो.”

अब ये जुबानी जंग तो चलती ही रहेगी और हम भी इस पर एकदम नज़र गड़ाए बैठे हुए हैं. जैसे ही येलोग एक दुसरे पर फिर से कीचड़ वगेरह उड़ाते मिलते हैं, वैसे ही झट से हम उस कीचड की शक्ल सूरत, गंध, बदबू वगेरह वगेरह सब आप तक पहुंचा देंगे. बाकी बने रहिये कच्चा चिटठा के साथ, काहे की ये खेल लम्बा चलने वाला है.

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